"ऑरा रीडिंग एक अद्वितीय प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति के चारों ओर मौजूद ऊर्जा क्षेत्र को पढ़ा जाता है। इस ऊर्जा क्षेत्र, जिसे "ऑरा" कहा जाता है, में आपके शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक अवस्था की जानकारी होती है। ऑरा रीडिंग के माध्यम से व्यक्ति के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य का विश्लेषण किया जा सकता है। यह रीडिंग आपकी ऊर्जा के तीव्रता को समझकर जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहतर बनाने में मदद करती है। ऑरा रीडिंग के द्वारा आप अपने आंतरिक संतुलन को पहचान सकते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।"
"जन्मकुंडली व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का खाका होता है, जिसे वैदिक ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे शिक्षा, करियर, विवाह, स्वास्थ्य, और धन की भविष्यवाणी करने में सहायक होती है। जन्मकुंडली के माध्यम से आप अपने व्यक्तित्व, स्वभाव, और भविष्य की संभावनाओं को समझ सकते हैं। इसके आधार पर आप सही निर्णय लेने और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकते हैं। यह एक मार्गदर्शक उपकरण है जो जीवन को सही दिशा में ले जाने में सहायक हो सकता है।"
ज्योतिष शास्त्र में संतान सुख को जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जाता है, और इसे कुंडली के माध्यम से समझने की कोशिश की जाती है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनका प्रभाव यह निर्धारित करता है कि किसी व्यक्ति को संतान सुख प्राप्त होगा या नहीं। संतान सुख के लिए कुंडली में पंचम भाव और उसके स्वामी का विश्लेषण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। पंचम भाव को संतान भाव भी कहा जाता है और यह व्यक्ति की संतान से जुड़ी सभी जानकारियाँ प्रदान करता है। कुंडली के पंचम भाव में स्थित ग्रह और उनके स्वामी की दशा एवं अंतर्दशा यह बताती है कि व्यक्ति को संतान सा उत्पन्न हो सकती है।
गृह क्लेश, जिसे परिवारिक कलह या घरेलू विवाद भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जो किसी भी परिवार की शांति, स्थिरता, और खुशियों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। यह केवल आपसी मनमुटाव और तकरार का मामला नहीं होता, बल्कि इसमें परिवार के सदस्यों के बीच गहरे असंतोष, नकारात्मकता, और भावनात्मक दूरियों का समावेश होता है। गृह क्लेश के कारण और उनके प्रभाव बहु-आयामी होते हैं, और उन्हें समझना तथा उनका समाधान निकालना परिवार की समृद्धि और सुख-शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है।